कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर हाईवे समेत सात संपर्क मार्ग बंद

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन के कारण रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग बांसवाड़ा में दूसरे दिन भी बंद रहा। पहाड़ी से रूक-रूककर भूस्खलन होने के कारण मलबा हटाया नहीं जा सका। वहीं, गुप्तकाशी के समीप गौरीकुंड हाईवे का पचास मीटर हिस्सा धंस गया है, जिससे फाटा, सोनप्रयाग और गौरीकुंड का गुप्तकाशी से संपर्क कट चुका है। 

सोमवार रात को हुई मूसलाधार बारिश से कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर हाईवे समेत सात संपर्क मार्ग बंद हो गए। एनएच की ओर से छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए पहाड़ी काटकर सड़क तैयार की जा रही है। यातायात को विश्वनाथ मंदिर मार्ग से डायवर्ट किया गया है।  कमलेश शर्मा, पवन भट्ट, अलिखेश मिश्रा आदि का कहना है कि ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत निर्माणाधीन हाईवे की कटिंग का मलबा यहां डाला जा रहा है और भारी मशीनों से कटिंग के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। 

बारिश के कारण स्थिति और बदहाल हो गई है। गौरीकुंड हाईवे धंसने से विद्याधाम मंदिर को भी खतरा हो गया है। दूसरी तरफ बांसवाड़ा में दूसरे दिन भी हाईवे बंद होने पर एनएच ने यातायात को बांसवाड़ा-बसुकेदार-गुप्तकाशी मोटर मार्ग पर डायवर्ट किया गया है, जिस कारण लोगों को 20 किमी अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है, लेकिन इस मार्ग की हालत भी बरसात से खराब हो गई है। 

एनएच रुद्रप्रयाग के अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर बांसवाड़ा में पहाड़ी से भूस्खलन नहीं थम रहा है। विद्याधाम में पहाड़ी से कटान कर छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए सड़क तैयार की जा रही है। 

बारिश से कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर हाईवे समेत सात संपर्क मार्ग बंद हो गए। कार्यदायी संस्थाओं ने छह सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया, लेकिन सड़कों की हालत खस्ताहाल बनी है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। ऊखीमठ-मनसूना का तीस मीटर हिस्सा भी ध्वस्त हो गया है। मस्तूरा-दिलमी मोटर मार्ग पर भूस्खलन का मलबा कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर हाईवे मार्ग पर गिरने से दैड़ा में स्थिति दयनीय बनी है।