सहकारिता और सहकारी बैंकों के कर्मचारियों के लिए निबंधक ने 2 वर्ष की सेवा पर 25 लाख रुपए कि सीसी लिमिट की स्वीकृति दी

उत्तराखंड सहकारिता विभाग के नए निबंधक निबंधक सहकारिता व सहकारी बैंकों के कर्मचारियों के लिए 2 वर्ष की नौकरी होने पर 25 लाख रुपए कि सीसी लिमिट बनाने की सहमति दी है। अब तक 20 साल से ऊपर के लोगों को 25 लाख रुपए सीसी लिमिट में मिलता था।
साथ ही निबंधक ने बेसिक प्लस डीए में 10% की बढ़ोतरी करते हुए इसे 35 % कर दिया है। पहले डीए का 25 गुना मिलता था। सरकारी कर्मचारियों के लिए सहकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष ने तोहफा दिया है

उत्तराखंड सहकारिता विभाग के निबंधक श्री आलोक कुमार पांडेय की मंजूरी के उपरांत सहकारिता विभाग के अपर निबंधक बैंकिंग श्री आनंद एडी शुक्ल ने जारी अपने आदेश में कहा है कि, जिला सहकारी बैंकों / राज्य सहकारी बैंक के कर्मचारियों/अधिकारियों एवं पैक्स कैडर सेवा के सचिवों के लिए कैश क्रेडिट कर्मचारी ऋण योजना लागू कर दी है।

इस संबंध में सरकारी एवं उक्त विभागों के कर्मचारियों / अधिकारियों के वेतन में हुई वृद्धि एवं वर्तमान में बढ़ती महंगाई दर के कारण कर्मचारियों की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए कतिपय बैंकों प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर इस कार्यालय के पूर्व परिपत्रों को संशोधित करते हुए एतद्द्वारा निम्नानुसार “कैश क्रेडिट कर्मचारी ऋण योजना निर्धारित की जाती है:

अपर निबन्धक श्री शुक्ल कहा कि,
इस योजना के लिए मात्र वही नियमित कर्मचारी / अधिकारी पात्र होंगे, जिन्होंने न्यूनतम 03 वर्ष की संतोषजनक सेवा पूर्ण कर ली है तथा उनकी कुल कटौतियां (आयकर सहित) सकल वेतन के 60 प्रतिशत से अधिक न हो। 2 उक्त ऋण योजना सरकारी विभागों / जिला सहकारी बैंकों / राज्य सहकारी बैंक के कर्मचारियों / अधिकारियों, पैक्स कैडर सचिवों तथा अन्य सरकारी कर्मचारियों / अधिकारियों को ही देय होगी।

उक्त ऋण योजना ऐसे कर्मचारी / अधिकारी को देय होगी जिनका वेतन बैंक की शाखा में जमा हो
रहा हो।

अपर निबन्धक ने कहा कि,
सम्बन्धित कर्मचारी / अधिकारी के वर्तमान तथा पूर्व कार्यरत स्थान से नगरीय सहकारी बैंक / जिला सहकारी बैंक से नो-ड्यूज प्रमाण पत्र लिया जायेगा। .3 इस योजना के अंतर्गत अधिकतम ऋण सीमा कर्मचारियों / अधिकारियों के वेतन (मूल वेतन+महगाई भत्ता) के 25 (पच्चीस) गुणा अथवा अधिकतम ऋण सीमा निम्नानुसार जो भी कम हो स्वीकृत की जायेगी:

/ कर्मचारियों को सी०सी०लिमिट सेवानिवृत्ति के 02 वर्ष पूर्व तक ही स्वीकृत किया जायेगा। बैंक सुनिश्चित करेगा, कि कर्मचारी / अधिकारी के सेवानिवृत्ति से पूर्व उक्त ऋण सीमा शून्य हो जायेगी।

सी०सी०लिमिट अधिकारी / कर्मचारियों को उनके आहरण वितरण अधिकारी से भविष्य निधि / ग्रेच्युटी बैंक के पक्ष में प्रभार हेतु सहमति पत्र एवं आहरण वितरण अधिकारी की संस्तुति पर स्वीकृत की जायेगी।

इस खाते पर ब्याज की गणना दैनिक प्रोडक्ट निकालकर त्रैमासिक आधार पर की जायेगी। वर्तमान में ब्याज दर 11 प्रतिशत होगी, जो भविष्य में कम या अधिक हो सकती है, लेकिन बैंक द्वारा सावधि निक्षेपों पर दी जाने वाली अधिकतम ब्याज दर में 3 प्रतिशत (प्रबन्धकीय व्यय तथा न्यूनतम लाभ मार्जिन) सम्मिलित कर निर्धारित की जायेगी। इस खाते के क्रेडिट अवशेष होने की दशा में कोई ब्याज नहीं दिया जायेगा। इस खाते में ब्याज की राशि जोड़ दिये जाने के उपरान्त यदि अवशेष (लगा ऋण) निर्धारित सीमा से अधिक हो जाता है तो उसे नियमित करने हेतु कर्मचारी को 30 दिन का समय दिया जायेगा।

श्री शुक्ल ने कहा कि
कर्मचारी को बैंक द्वारा भुगतान की जाने वाली समस्त परिलब्धियां इसी खाते में क्रेडिट की जायेगी। 8 इस सुविधा का उपयोग करने वाले कर्मचारी / अधिकारी का स्थानान्तरण किसी अन्य जनपद में होने की दशा में उसके कैश क्रेडिट खाते में कुल लगी ऋण राशि को ब्याज सहित 60 मासिक किश्त • अथवा उसकी सेवा निवृत्ति तक की शेष अवधि (जो भी दोनों में से कम हो) में विभाजित कर विभाग द्वारा उसके अंतिम वेतन प्रमाण पत्र में मासिक वसूली हेतु दर्शाया जायेगा।

किसी कर्मचारी का स्थानान्तरण एक शाखा से दूसरी शाखा पर होने की दशा में इस खाते पर तारीख ब्याज जोड़कर उसकी कुल अवशेष राशि (कैश क्रेडिट खाता) का भी उसी शाखा पर ट्रांसफर कर दिया जायेगा। किसी कर्मचारी / अधिकारी के निलंबन की दशा में उसका इस खाते से परिचालन तत्काल रोक दिया

जायेगा तथा उसका जीवन निर्वाह भत्ता उसके बचत खाते में ट्रांसफर किया जायेगा।

कर्मचारी / अधिकारी की भविष्य निधि तथा ग्रेच्युटी इस खाते के विरुद्ध प्रभार स्वरूप होगी।

कर्मचारियों / अधिकारियों के कैश क्रेडिट खाते व्यक्तिगत लोन लेजर में शाखा स्तर पर खोलकर

संबंधित कर्मचारी / अधिकारी को चैकबुक जारी की जायेगी। कोई भी आहरण बिना चैक के नहीं किया जायेगा तथा जनरल लेजर में इसे कैश क्रेडिट एवं ओवर ड्राफ्ट” शीर्षक के अंतर्गत “कैश क्रेडिट कर्मचारी ऋण योजना के नाम से अलग से दर्शाया जायेगा। 13 ॠण सीमा की स्वीकृति संबंधी कार्य बैंक द्वारा किया जायेगा। अतः जो कर्मचारी / अधिकारी इस योजना के अंतर्गत कॅश क्रेडिट लिमिट स्वीकृत करना चाहते हैं. वे प्रार्थना पत्र पूर्ण कर जिस शाखा

14 ऋण की सुरक्षा हेतु स्वीकृत ऋण सीमा के विरूद्ध यथासम्भव 1.50 गुना राशि का जीवन बीमा करवाया जाना होगा। 15 शिक्षा विभाग के कर्मचारियों एवं अन्य शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिये बैंको द्वारा पूर्व स्वीकृत विशेष ऋण सीमा यथावत रहेगी।

उक्त कैश क्रेडिट ऋण सीमा स्वीकृत करने का अधिकार बैंक का है, यदि बँक यह समझता है कि किसी कर्मचारी / अधिकारी से वसूली संभव नहीं है, तो प्रार्थना पत्र को अस्वीकृत कर सकता है। उक्त कैश क्रेडिट ऋण सीमा लेना किसी कर्मचारी / अधिकारी का क्लेम नहीं है। इस परिपेक्ष्य में यह स्पष्ट किया जाता है कि बैंक स्तर पर इसके परिचालन में यदि किसी

उन्होंने चेतावनी दी कि, शर्त का उल्लंघन किया जाता है तो सम्बन्धित बैंक सचिव / महाप्रबन्धक एवं शाखा प्रबन्धक इसके लिए पूर्ण रूप से उत्तरदायी होंगे।

अपर निबन्धक श्री शुक्ल ने कहा कि,
सरकारी विभागों/जिला सहकारी बैंकों / राज्य सहकारी बैंक के कर्मचारियों/अधिकारियों एवं पैक्स कैडर सेवा के सचिवों के लिए कैश क्रेडिट कर्मचारी ऋण योजना लागू की गयी है। उक्त सम्बन्ध में निरन्तर सहकारी बैंकों द्वारा की जा रही मांग एवं बैंकिंग व्यवसाय में वृद्धि हेतु सरकारी विभागों/जिला सहकारी बैंकों/राज्य सहकारी बैंक के कर्मचारियों/अधिकारियों एवं पैक्स कैडर सेवा के सचिवों के लिए कैश क्रेडिट कर्मचारी ऋण योजना को वर्तमान आवश्यकताओं के दृष्टिगत निम्नानुसार संशोधित किया जाता है 1 उक्त परिपत्र के बिन्दु संख्या 1 इस योजना के लिये मात्र वही नियमित कर्मचारी / अधिकारी पात्र होंगे,जिन्होंने न्यूनतम 02 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली हो। 2 उक्त परिपत्र के बिन्दु संख्या 3 इस योजना के अंतर्गत अधिकतम ऋण सीमा कर्मचारियों / अधिकारियों के वेतन (मूल वेतन+मंहगाई भत्ता) के 35 (पैंतीस) गुणा अथवा अधिकतम मु0 25.00 लाख रू० जो भी कम हो, स्वीकृत की जायेगी।

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