नैनीताल में नोएडा की महिला की हत्या,परिजनों का आरोप- ऋषभ बताकर आरोपी इमरान ने धोखे में रखा

नैनीताल में नोएडा की महिला की हत्या,परिजनों का आरोप- ऋषभ बताकर आरोपी इमरान ने धोखे में रखा

नोएडा निवासी महिला पर्यटक की नैनीताल के एक होटल में हुई हत्या के कई दिन बीतने के बाद भी पुलिस हत्यारोपी को नहीं पकड़ पाई है। महिला की मां, भाई और रिश्तेदारों ने कहा कि उन्हें पहले पता होता कि ऋषभ तिवारी असल में इमरान है, तो वे बेटी को उससे मिलने ही नहीं देते। 

नोएडा निवासी महिला, इमरान (ऋषभ तिवारी), स्वेता और अलमास उल हक स्वतंत्रता दिवस के दिन नैनीताल आए थे। वे यहां मल्लीताल स्थित होटल गैलेक्सी में ठहरे थे। उसी रोज महिला का जन्म दिन था इसलिए चारों ने देर रात तक होटल के कमरे में पार्टी की। इसके बाद महिला और इमरान एक कमरे में और स्वेता और अलमास उल हक दूसरे कमरे में चले गए। सोमवार की सुबह होटल के कमरे से नग्नावस्था में महिला (30) का शव बरामद हुआ, जबकि उसके साथ कमरे में ठहरा इमरान वहां से फरार हो चुका था।

स्वेता व अलमास उल हक की शिकायत पर पुलिस ने इमरान के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मंगलवार को महिला की मां, भाई, दो महिला दोस्त, एक अन्य रिश्तेदार के साथ नैनीताल पहुंचे। पोस्टमार्टम हाउस में मीडिया कर्मियों से बातचीत में परिजनों ने बताया कि वे इमरान को ऋषभ तिवारी के नाम से जानते थे। उसे ब्राह्मण समझते थे। उन्होंने बताया कि इमरान ने उन्हें धोखे में रखा। दोस्तों ने बताया कि फरार इमरान ने फेसबुक में अपनी आईडी भी ऋषभ तिवारी के नाम से ही बनाई है। 

हत्या के बाद बेटी के पास पहुंचा और मोबाइल का पासवर्ड पूछ लिया
महिला के परिजनों से हुई पूछताछ में पुलिस को पता चला कि नैनीताल से फरार हुआ इमरान सोमवार की सुबह दस बजे नोएडा स्थित अपने फ्लैट में पहुंच गया था। महिला के भाई के अनुसार फ्लैट से जरूरी सामान लेने के बाद इमरान उनके घर पहुंचा था, जहां उसने महिला की बेटी से कहा कि उसकी मां फोन भूलकर ऑफिस चली गई है। इमरान ने इसी दौरान बेटी से मोबाइल का पासवर्ड भी पूछ लिया और लॉक खोलकर फोन लेकर चला गया।

2008 में हो गया था महिला का विवाह
परिजनों ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2008 में महिला का विवाह हुआ था। लेकिन उसका पति शराब का आदी था और कोई काम नहीं करता था। इसी परेशानी के चलते दोनों ने अलग-अलग रहना शुरू कर दिया था। परिजनों ने बताया कि तलाक का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। 

शव ले जाने को हल्द्वानी से बुलाई एंबुलेंस
पोस्टमार्टम के बाद महिला के शव को घर ले जाने के लिए परिजनों को नैनीताल में एंबुलेंस तक नहीं मिली। एंबुलेंस उपलब्ध कराने में पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की। बाद में स्थानीय लोगों के प्रयासों से हल्द्वानी से एंबुलेंस मंगाई गई। 

डीप फ्रीजर होने के बाद भी पुलिस ने खुले में रखा शव
नैनीताल के तल्लीताल क्षेत्र में स्थित मोर्चरी में दो डीप फ्रीजर लगाए गए हैं। इसके बाद भी पुलिस ने शव को घंटों खुले में ही रखा। जिस कारण शव से दुर्गंध उठने लगी थी। पोस्टमार्टम करने वाले बीडी पांडे अस्पताल के चिकित्सक डॉ. संजीव खर्कवाल ने बताया कि शव से हल्की दुर्गंध आने लगी थी। यदि शव डीप फ्रीजर में रखा होता तो दुर्गंध नहीं आती। वहीं अस्पताल के पीएमएस डॉ. केएस धामी का कहना है कि शवों को सुरक्षित रखने के लिए ही मोर्चरी में दो डीप फ्रीजर लगाए गए हैं। डा. धामी का कहना है कि शव की सुरक्षा का जिम्मा पुलिस के पास होता है। पुलिस को शव डीप फ्रीजर में रखना चाहिए था।

महिला ने इमरान पर बनाया था शादी का दबाव
इस बात की भी चर्चा है कि दो महीने पहले महिला ने ऋषभ उर्फ इमरान पर शादी का दबाव बनाया था। अपने सीने पर टेंटू गुदवाकर उसका नाम लिखवाया था। लेकिन इमरान इसके लिए राजी नहीं था। चर्चा है कि वह चाहता था कि वह इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए अपनी आईडी पर कमरा बुक कराए। 

इमरान ने अपनी आईडी नहीं दी
होटल से फरार इमरान और महिला ने कमरा बुक कराने के लिए अपनी आईडी होटल में नहीं दी थी। स्वेता और अलमास ने अपनी आईडी जमा कराई थी। इसी आईडी पर होटल में आसानी से दो कमरे बुक कर दिए गए।
 
आरोपी भाग गया कोतवाली पुलिस को हवा नहीं लगी
महिला सैलानी हत्याकांड में मल्लीताल कोतवाली पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। यदि पुलिस चौकन्नी रहती तो आरोपी को आसानी से पकड़ा सकता था। पुलिस ने सख्ती दिखाई होती तो होटल संचालक बगैर आईडी कमरा देने की जुर्रत न करता। मल्लीताल क्षेत्र में शारदा संघ वाली गली में जिस गैलेक्सी होम स्टे में सैलानियों ने दो कमरे बुक कराए थे, वह आईजी दफ्तर और कोतवाली से महज 75 से 100 मीटर की दूरी पर स्थित है।

होटल में जाने से पहले इन लोगों ने अपनी आई-20 कार थाने के पास ही पार्किंग में खड़ी की थी। होटल की सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक आरोपी इमरान रविवार की रात 2 बजकर 56 मिनट में होटल से बाहर निकला और आईजी आफिस व कोतवाली के ठीक सामने से पैदल जाकर और फिर कार लेकर आराम से फरार हो गया। न थाने के सामने न ही चौराहे पर पुलिस पिकेट पर किसी ने उससे पूछताछ की।  

…तो क्या जहर देकर गला दबाया गया था
महिला सैलानी की मौत किस वजह से हुई यह तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा लेकिन सूत्रों की मानें तो उसे मौत के नींद सुलाने के लिए जहरीला पदार्थ देने के बाद उसका गला भी दबाया गया था। सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम में इस बात के संकेत मिले हैं कि महिला ने खुद का बचाव करने की भी कोशिश की। महिला के शरीर में हल्की खरोंचों के भी निशान मिले हैं। हालांकि इस संबंध में बीडी पांडे अस्पताल के डॉक्टरों ने कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया। 

होटल प्रबंधन के खिलाफ भी होगी कार्रवाई: डीएम
डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल का कहना है कि पता चला है कि दिल्ली निवासी जुबैर नामक व्यक्ति ने कुछ समय पहले ही ग्लैक्सी होम स्टे को लिया है। जिला प्रशासन समय-समय पर बगैर आईडी के किसी भी सैलानी को होटल में कमरे न देने के निर्देश देता आया है। ग्लैक्सी में कैसे बगैर आईडी के इस सैलानी को कमरा दिया गया इसकी जांच कराई जाएगी। शिकायत सही मिली तो होटल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई होगी। नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश साह का कहना है कि जिस होटल में सोमवार को महिला सैलानी की हत्या हुई है वह उनकी एसोसिएशन का सदस्य नहीं है। साह का कहना है कि बगैर आईडी के होटलों में सैलानियों को कमरे न दिए जाएं।

आरोपी की धरपकड़ के लिए दो टीमों को दिल्ली और नोएडा भेजा गया है। टीमों ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। उम्मीद है कि तीन-चार दिन के भीतर हत्यारोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।

  • देवेंद्र पिंचा एसपी क्राइम नैनीताल

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