वीवीजी-रामजी योजना को लेकर बैठक आयोजित

वीवीजी-रामजी योजना को लेकर बैठक आयोजित

विकासखंड पौड़ी में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं वीवीजी-रामजी योजना को लेकर बैठक आयोजित

ग्राम पंचायत स्तर पर स्थापित होंगे कूड़ा संग्रहण केंद्र, स्रोत पर ही होगा गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण

पौड़ी: विकासखंड पौड़ी सभागार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं वीवीजी-रामजी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बैठक आयोजित की गयी। बैठक में ग्राम विकास अधिकारियों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों एवं ग्राम प्रधानों को योजनाओं के उद्देश्यों, क्रियान्वयन प्रक्रिया तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता एवं कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गयी।

पेयजल एवं स्वच्छता समन्वयक स्वजल प्रमोद बहुगुणा ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर कूड़ा संग्रहण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण सुनिश्चित किया जाएगा। ग्रामीणों से अपने घरों से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग रखने और निर्धारित कूड़ा संग्रहण केंद्रों पर पहुंचाने की अपील की गयी।

उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों से एकत्रित कचरे को ब्लॉक स्तर से संचालित वाहनों के माध्यम से निर्धारित स्थान तक पहुंचाया जाएगा, जहां उसका उचित निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण होने से उसके निस्तारण की प्रक्रिया सरल होगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

प्रमोद बहुगुणा ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था की सफलता में ग्रामीणों की सहभागिता महत्वपूर्ण है। उन्होंने ग्राम प्रधानों एवं क्षेत्र पंचायत सदस्यों से अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को गीले एवं सूखे कचरे को अलग रखने के लिए जागरूक करने तथा प्लास्टिक एवं अन्य अनुपयोगी सामग्री को खुले में न फेंकने के लिए प्रेरित करने को कहा।

बैठक में खंड विकास अधिकारी दृष्टि आनंद ने वीवीजी-रामजी योजना के संबंध में जानकारी देते हुए योजना के उद्देश्यों, पात्रता एवं इसके माध्यम से मिलने वाले लाभों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ग्राम विकास अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा, ताकि अधिक से अधिक पात्र ग्रामीण योजना का लाभ उठा सकें।

उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान ग्राम पंचायत स्तर पर आने वाली समस्याओं तथा उनके समाधान के संबंध में भी जानकारी दी।

उत्तराखंड