श्रीनगर में डॉ. धन सिंह रावत की बढ़ती लोकप्रियता और मजबूत पकड़, क्या गणेश गोदियाल बदलेंगे अपनी सीट?

श्रीनगर में डॉ. धन सिंह रावत की बढ़ती लोकप्रियता और मजबूत पकड़, क्या गणेश गोदियाल बदलेंगे अपनी सीट?

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, 2027 में श्रीनगर से चुनाव लड़ना गोदियाल के लिए आसान नहीं; देहरादून या हरिद्वार की सीट पर उतरने की चर्चाएं

श्रीनगर। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज होने लगी है। श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की लगातार दो चुनावी जीत और उनकी बढ़ती राजनीतिक सक्रियता के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के चुनावी क्षेत्र को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा चुनावी परिस्थितियों में गोदियाल के लिए श्रीनगर सीट पर जीत हासिल करना आसान चुनौती नहीं होगी। ऐसे में उन्हें आगामी चुनाव में किसी दूसरे विधानसभा क्षेत्र से उतरने के विकल्प पर विचार करना पड़ सकता है।

श्रीनगर में लगातार मजबूत हुई डॉ. धन सिंह रावत की स्थिति

श्रीनगर विधानसभा सीट पर गणेश गोदियाल और डॉ. धन सिंह रावत के बीच मुकाबले का इतिहास वर्ष 2012 से जुड़ा है। उस चुनाव में गोदियाल ने जीत दर्ज की थी, लेकिन 2017 में डॉ. रावत ने उन्हें 8,698 मतों से पराजित कर दिया। वर्ष 2022 में भी डॉ. रावत ने जीत हासिल करते हुए लगातार दूसरी बार श्रीनगर विधानसभा सीट अपने नाम की।

इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में गढ़वाल सीट से कांग्रेस प्रत्याशी गणेश गोदियाल को हार का सामना करना पड़ा। श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा को कांग्रेस पर 1598 मतों की बढ़त मिली। लगातार सामने आए इन चुनावी परिणामों के कारण श्रीनगर में भाजपा की स्थिति और डॉ. धन सिंह रावत की राजनीतिक भूमिका चर्चा में बनी हुई है।

राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में चुनौतीपूर्ण है श्रीनगर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गणेश गोदियाल के सामने श्रीनगर में केवल भाजपा संगठन की चुनौती नहीं है, बल्कि डॉ. धन सिंह रावत की लगातार दो विधानसभा जीत के बाद बने राजनीतिक समीकरण भी महत्वपूर्ण हैं। क्षेत्र में जनसंपर्क, विकास कार्यों और स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता आगामी चुनाव को प्रभावित कर सकती है।

ऐसे में विश्लेषकों के अनुसार, गोदियाल के लिए श्रीनगर से दोबारा चुनाव लड़ने का निर्णय आसान नहीं होगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष होने के नाते उन पर अपनी सीट जीतने के साथ-साथ पूरे प्रदेश में पार्टी के प्रदर्शन को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी भी रहेगी। इसी कारण सीट बदलने का विकल्प उनके लिए राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है।

देहरादून या हरिद्वार से उतरने की चर्चाएं

राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि गणेश गोदियाल 2027 के विधानसभा चुनाव में देहरादून या हरिद्वार जिले की किसी सीट से चुनाव लड़ने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, उनके द्वारा सीट बदलने या किसी नए विधानसभा क्षेत्र को चुनने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

यदि गोदियाल श्रीनगर से हटकर किसी दूसरे क्षेत्र का रुख करते हैं, तो यह कांग्रेस की चुनावी रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा। दूसरी ओर, श्रीनगर में डॉ. धन सिंह रावत के सामने फिर से उतरना उनके लिए पुराने राजनीतिक मुकाबले को आगे बढ़ाने का अवसर भी होगा।

2027 से पहले बड़ा सवाल

श्रीनगर विधानसभा सीट पर 2012 में गणेश गोदियाल की जीत के बाद 2017 और 2022 में डॉ. धन सिंह रावत ने लगातार विजय हासिल की। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को बढ़त मिली। इन परिणामों के बीच गोदियाल की अगली चुनावी रणनीति पर सबकी नजर रहेगी।

क्या गणेश गोदियाल श्रीनगर में एक बार फिर डॉ. धन सिंह रावत को चुनौती देंगे या राजनीतिक विश्लेषकों की राय के अनुरूप देहरादून अथवा हरिद्वार की किसी सीट से चुनाव लड़ने का विकल्प चुनेंगे?

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