राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षता में देहरादून पुलिस लाइन सभागार में आयोजित हुई
जनसुनवाई में 25 से अधिक मामले प्राप्त, अधिकांश घरेलू हिंसा से संबंधित; पुलिस एवं संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश
महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने तथा उत्पीड़न के विरुद्ध आवाज उठाने का किया आह्वान
देहरादून, 30 अक्टूबर 2026′ महिलाओं की समस्याओं की सुनवाई, उनके अधिकारों की रक्षा तथा महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों का प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज पुलिस लाइन सभागार, देहरादून में ‘राष्ट्रीय महिला आयोग, आपके द्वार’ अभियान के अंतर्गत महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय महिला आयोग की माननीय अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में 25 से अधिक मामले प्राप्त हुए, जिनमें अधिकांश मामले घरेलू हिंसा एवं महिला उत्पीड़न से संबंधित थे। माननीय अध्यक्ष ने पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए पुलिस एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को मामलों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए पीड़िताओं को न्याय दिलाने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान माननीय अध्यक्ष, विजया रहाटकर, ने कहा कि महिलाओं के प्रति हिंसा एवं उत्पीड़न किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। समाज में प्रत्येक महिला को सम्मान और समानता के साथ जीवन जीने का अधिकार है। आज महिलाएं परिवार, समाज, प्रशासन, शिक्षा, विज्ञान सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन कर रही हैं। ऐसे में महिलाओं के प्रति समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव लाने की आवश्यकता है। महिलाओं को नीचा दिखाना, उनके साथ भेदभाव करना अथवा उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करना गलत है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए आवश्यक है कि महिलाओं को सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी शिकायतों पर संवेदनशीलता एवं तत्परता से कार्रवाई की जाए।
माननीय अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा एवं सहायता के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा विभिन्न हेल्पलाइन नंबर एवं सहायता तंत्र संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में अनेक महिलाएं इन सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पाती हैं। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न अथवा संकट की स्थिति में चुप न रहें और उपलब्ध सहायता सेवाओं का उपयोग करते हुए अपनी आवाज उठाएं।
