राम भक्त देवेंद्र भारती का सपना हुआ साकार

नैनीडांडा से धनपाल रावत की रिपोर्ट

उत्तराखंड पौड़ी गढ़वाल के नैनीडांडा विकासखंड के देवेंद्र सिंह नेगी “भारती” 1984 में जब वे 22 वर्ष की उम्र के थे उस समय वे आंदोलन से जुड़े परन्तु मंजिल इतनी आसान नही थी संघर्ष पग पग पर था जब सन 1990 में सत्यग्रह आंदोलन में समल्लित होने जा रहे थे कोटद्वार में पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया और 13 दिन देहरादून जेल में रहे। फिर सन 1992 में अयोध्या गये जहाँ पर दो दिन ,तीन रात रहे विवादित ढाँचा गिराया और घर को वापस निकल आये। बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक की शाखाओं में राष्टवादी भाव उनके मन मे पलता रहा और जिस विचारधारा से प्रोत्साहित हुए थे उसको साकार करने का सपना अपनी आँखों मे देखा था और आज वह सपना पूरा होने जा रहा है यह भाव उनकी वाणी में झलक रही है। देवेन्द्र भारती का कहना है कि मेरा जीवन सफल हो गया , आज गर्व है कि हम कुछ करके जा रहे है प्रभु श्रीराम का भव्य व दिव्य मंदिर के आलौकिक दर्शन करने जरूर जाएगे। उनका कहना है कि न तो में भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता के रूप में, न ही आर0एस0एस0 स्वयं सेवक के रूप में अयोध्या गया मैं तो एक हिन्दू होने के नाते कारसेवक के रूप में समल्लित हुआ। आश्चर्यजनक बात है कि आज भी देवेंद्र भारती के पास सुबूत के रूप में बाबरी ढाँचे के नीव की ईट व पत्थर अपने पास धरोहर के रूप में सजौये है। उनका कहना है उस समय सौभाग्य वस वर्तमान संघचालक व निवर्तमान संघसंचालक सुदर्शन जी से मुलाकात हुई थी उन्होंने मेरे कंधे में हाथ रखा और पूछा कहा से आये हो? और कहा हम इतिहास को अपने आँखों के आगे बनता देख रहे हैं यह हमारा परम सौभाग्य है यह कह कर आगे बढ़ गए । बस इन्ही बातों को मन मे सजौये सुबह का दृश्य पूरी दुनिया के सामने था। सभी कार सेवक अपनी मंज़िल तक पहुँच और दोनों गुम्बदों को ध्वस्त कर आगे बढ़ते ही जा रहे थे मंच से ओजस्वी भाषण चल रहे थे बस मन मे एक ही संकल्प था आज नही तो कभी नही हर कारसेवक के मन मे चल रहा था। आज बाबरी विध्वंसकारी, स्वभिमानी व्यक्तव्य के धनी देवेंद्र नेगी बहुत खुश है कि लाखो,करोड़ो रामभक्तो की मनोकामना पूर्ण होने जा रही है। साथ ही पीड़ा भी झलक उठी की उस दौर के सत्यग्राही, आंदोलनकारी, कारसेवको का उचित सम्मान व पहचान नही रही जिन्होंने इस विचारधारा की नींव रखी थी। हम सब का नैतिक कर्तव्य बनता है उन सभी कारसेवको को उचित सम्मान अपने अपने माध्यम से प्रदान करना चाहिए जिनके बलिदान,संघर्ष व त्याग की बदौलत राम जन्म स्थान अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम राम का भव्य मंदिर बनने जा रहा है।