पहली बार आधार पाने वाले दिव्यांगजनों सहित 65 लोगों को मिला लाभ

विशेष आधार शिविर बना पहचान और अधिकारों का सेतु,

जिलाधिकारी के निर्देशन में आधार से वंचित नागरिकों को मिली बड़ी राहत, सरकारी योजनाओं से जुड़ने का खुला रास्ता

पौड़ी: जनपद के ऐसे नागरिक जो विभिन्न कारणों से अब तक आधार पहचान से वंचित थे, उनके लिए जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग की संयुक्त पहल अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन में जिला कार्यालय परिसर में आयोजित विशेष आधार नामांकन एवं अद्यतन शिविर ने दर्जनों लोगों को पहचान, अधिकार और सरकारी योजनाओं से जुड़ने का अवसर प्रदान किया।

विशेष रूप से यह शिविर उन लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ, जिनका अब तक आधार नहीं बन पाया था। शिविर में 18 वर्ष से अधिक आयु के 23 नागरिकों का पहली बार आधार पंजीकरण किया गया। इनमें पांच दिव्यांगजन भी शामिल रहे, जो वर्षों से आधार पहचान पत्र से वंचित थे। आधार बनने के बाद अब उनके लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों, पेंशन योजनाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, बैंकिंग सेवाओं तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करना आसान हो सकेगा।

शिविर के दौरान कलालघाटी की 22 वर्षीय हिमानी नेगी, मुछियाली की 24 वर्षीय शोभा, कांसखेत के 24 वर्षीय अजय कुमार, खादर तल्ला के 49 वर्षीय सोबन सिंह तथा डांगी के 21 वर्षीय दीपक का पहली बार आधार पंजीकरण किया गया। इन सभी दिव्यांगजनों के लिए आधार पहचान पत्र बनने से उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव का मार्ग प्रशस्त हुआ है। अब वे विभिन्न सरकारी योजनाओं में आवेदन कर सकेंगे तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़ने में उन्हें सुविधा मिलेगी। इसके अलावा 0 से 5 वर्ष आयुवर्ग के पांच बच्चों का भी आधार पंजीकरण किया गया, जिससे भविष्य में उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सरकारी सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में आसानी होगी। प्रशासन द्वारा बच्चों और दिव्यांगजनों को प्राथमिकता देते हुए उनकी प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया गया।

शिविर में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए 65 लाभार्थियों को सफलतापूर्वक आधार पंजीकरण एवं आधार अद्यतन सेवाएं प्रदान की गईं। शिविर के दौरान 28 नए आधार पंजीकरण किए गए, जबकि 37 लोगों के आधार कार्ड में नाम, पता, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि एवं अन्य आवश्यक जानकारियों का अद्यतन किया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशन के अनुरूप प्रत्येक पात्र नागरिक तक सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आधार केवल एक पहचान पत्र नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा और विभिन्न जनसेवाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति आधार जैसी आवश्यक पहचान से वंचित न रहे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में ऐसे लोगों की पहचान की जाए जिनका आधार अभी तक नहीं बना है अथवा जिनके आधार में त्रुटियां हैं, ताकि उन्हें समयबद्ध तरीके से सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन भविष्य में भी इस प्रकार के विशेष शिविरों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराता रहेगा।

जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया ने बताया कि शिविर के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने आधार संबंधी सेवाओं का लाभ उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के आवश्यक दस्तावेज पूर्ण न होने के कारण उनका आधार पंजीकरण नहीं हो पाया। ऐसे लोगों को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के बाद अपने निकटतम डाकघर स्थित आधार सेवा केंद्र पर संपर्क कर आधार सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया है। उन्होंने बताया कि आधार से वंचित पात्र नागरिकों को योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग लगातार प्रयासरत है तथा भविष्य में भी आवश्यकता के अनुसार विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।

शिविर के सफल आयोजन में ईडीएम सचिन भट्ट, ऑपरेटर जनार्दन नौटियाल तथा सुनील कुमार, अंकित मुंडेपी, अभिषेक पोखरियाल सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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