उत्तरकाशी के इस युवक ने अपनी जमापूंजी से गांव में बनाई ढाई किमी सड़क
उत्तरकाशी। 'मंजिलें उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।' इस वाक्य को सही मायने में चरितार्थ कर रहे हैं उत्तरकाशी के फुवाण गांव…










