रैपिड टेस्ट से लेकर इलाज तक, सभी अस्पताल रहें पूरी तरह से तैयार
डेंगू नियंत्रण के लिए त्वरित रिस्पांस सिस्टम मजबूत करने पर जोर, कंट्रोल रूम 24 घंटे रहे सक्रिय
आशा कार्यकत्रियों को मिलेगा अतिरिक्त प्रोत्साहन, जिला प्रशासन देगा 1500 रुपए इंसेंटिव-डीएम
रैपिड रिसपोंस टीम, वालियटिर्यस एवं कंट्रोल रूम सक्रियता से करे काम, बनाए सर्च प्लान,
नगर निगम को, शहर के सभी छोटे-बडे नाले व ड्रेनेज साफ करने के निर्देश
हॉटस्पॉट क्षेत्रों में तैनात होंगे वॉलिंटियर्स, डेंगू रोकथाम को लेकर वार्ड स्तर तक एक्शन,
कूड़ा संग्रहण वाहनों से गूंजेगा डेंगू जागरूकता संदेश, नगर निकायों को विशेष निर्देश
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कैंपस व सार्वजनिक स्थलों पर जलजमाव मिला तो कटेगा भारी चालान-डीएम
डेंगू नियंत्रण और जन जागरूकता के लिए स्कूलों में एडवाइजरी जारी करने के दिए निर्देश।
देहरादून 16 मई,2026
डेंगू एवं अन्य जल जनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार में स्वास्थ्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर डेंगू पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सक्रियता और समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि डेंगू मरीजों के उपचार हेतु सभी अस्पतालों में रैपिड टेस्ट, डेंगू एलिसा टेस्ट, आवश्यक उपकरण, दवाइयां, ब्लड बैंक, बेड तथा चिकित्सकों एवं स्टाफ की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सा केंद्रों पर एलिसा टेस्टिंग किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें तथा इसमें किसी प्रकार की कमी न हो। आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग को अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पतालों में उपलब्ध मशीनों को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए तथा डेंगू जांच के लिए लैब की दरें निर्धारित की जाएं। कंट्रोल रूम को लगातार एक्टिव रखने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि डेंगू का कोई भी मामला सामने आने पर शॉर्ट नोटिस पर पूरी मशीनरी सक्रिय होनी चाहिए।
देहरादून एवं ऋषिकेश नगर क्षेत्रों में आशा कार्यकत्रियों को वार्डवार जिम्मेदारी देने, डोर-टू-डोर सर्वे कराने, रैपिड रिस्पांस टीम एवं वॉलिंटियर्स की तैनाती के लिए माइक्रो प्लान तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया एवं अन्य जल जनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नियमित मॉनिटरिंग आवश्यक है। इसके लिए एसीएमओ को संचालित गतिविधियों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी आशा कार्यकत्रियों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। एनएचएम से एक हजार रुपये, नगर निगम से 1500 रुपये के अतिरिक्त जिला प्रशासन की ओर से भी 1500 रुपये की अतिरिक्त इंसेंटिव राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
